ऐसा करके वे माता से शांति की प्रार्थना कर सकते हैं.
* हर रोज कोई न कोई नई मुसीबत खड़ी होती हो तो काली इस तरह की घटनाएं भी रोक देती हैं।
पूर्ण विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश को स्थापित करें।
जीवन में आने वाले संकट और बाधाएं दूर होती हैं।
लगा दें इसे, मिटेगा कष्ट-क्लेश, आएगी बरकत!
व्रत और नियम: गुप्त नवरात्रि में व्रत रखना अत्यधिक फलदायी होता है।
मातंगी : श्री ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा:।
* काली के पूजक पर काले जादू, टोने-टोटकों का प्रभाव नहीं पड़ता।
* शनि-राहु की महादशा या अंतरदशा, शनि की साढ़े साती, शनि का ढइया आदि सभी से काली रक्षा करती हैं।
इसमें पहले कलश को गंगा जल से भरें, उसके मुख पर आम की पत्तियां लगाएं और उस पर नारियल रखें।
देवी की कृपा से जीवन से नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश होता है।
घट स्थापना करें: मिट्टी के पात्र में जौ (जवारे) बोएं।
कलश को website मिट्टी के पात्र के बीच में स्थापित करें।
कलश में गंगाजल भरें और उसमें थोड़ा सा गंगाजल, चंदन, और दूर्वा डालें।
ना करे रक्षा तो महाबली भैरव की दुहाई।।